खेल रत्न पुरस्कार मिलेगा सिंधु, साक्षी, दीपा और जीतू राय को

खेल मंत्रालय की आज घोषणा के अनुसार ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधु और साक्षी मलिक के अलावा जिम्नास्ट दीपा करमाकर और निशानेबाज जीतू राय को सरकार ने पहली बार अप्रत्याशित कदम उठाते हुए इस साल इन चार खिलाड़ियों को देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने का फैसला किया है।

बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधु ने जहां रियो ओलंपिक में महिला एकल का सिल्वर मेडल जीतकर नया इतिहास रचा वहीं साक्षी ने महिला कुश्ती के 58 किग्रा में ब्रॉन्ज मेडल पदक हासिल किया। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट दीपा केवल 0।15 अंक के अंतर से कांस्य पदक से चूक गयी लेकिन उनके जोखिम भरे प्रोदुनोवा में शानदार प्रदर्शन ने देश के लोगों का दिल जीत लिया था। जीतू ने पिछले दो वर्षो में कई पदक जीते जिनमें एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड तथा विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने अर्जुन पुरस्कार के लिये 15 खिलाड़ियों का चयन किया। इनमें मुक्केबाज शिव थापा, लंबी दूरी की धाविका ललिता बाबर, क्रिकेटर अंजिक्य रहाणे, हॉकी खिलाड़ी वीआर रघुनाथ और रानी रामपाल भी शामिल हैं। इस साल का द्रोणाचार्य पुरस्कार छह कोचो को दिया जाएगा। इनमें दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी और भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली के मेंटर राजकुमार शर्मा भी शामिल हैं। इनके अलावा जिन अन्य को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा उनमें नागपुरी रमेश (एथलेटिक्स), सागर मल दयाल (मुक्केबाजी), प्रदीप कुमार (तैराकी), आजीवन और महावीर सिंह (कुश्ती), आजीवन शामिल हैं। ध्यानचंद आजीवन उपलब्धि पुरस्कार सती गीता (एथलेटिक्स), सिल्वानुस डुंग डुंग (हाकी) और राजेंद्र प्रहलाद शल्के (रोइंग) को दिया जाएगा।

पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला को मौलाना अबुल कलाम आजाद (माका) ट्राफी 2015-16 से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर साल खेलों के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिये जाते हैं। खेल रत्न पुरस्कार सबसे बेजोड़ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। इसमें पदक के अलावा प्रशस्ति पत्र और 7।5 लाख रूपये की नकद राशि दी जाती है। अर्जुन पुरस्कार भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है जबकि द्रोणाचार्य पुरस्कार उन कोच को दिया जाता है जिन्होंने अच्छे खिलाड़ी तैयार करने में योगदान दिया हो। ध्यानचंद पुरस्कार खेलों के विकास में आजीवन योगदान के लिये दिया जाता है। अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं की प्रतिमा, प्रमाणपत्र और पांच लाख रूपये की नकद धनराशि मिलती है। राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार में ट्राफी और प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

अंतरविश्वविद्यालय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को माका ट्राफी दी जाती है जिसकी पुरस्कार राशि दस लाख रूपये है। इसमें प्रमाणपत्र भी मिलता है। पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों का चयन एक समिति करती है जिसमें पूर्व ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता, ध्यानचंद पुरस्कार विजेता, खेल पत्रकार, विशेषज्ञ, कमेंटेटर और खेल प्रशासक शामिल होते हैं।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और अर्जुन पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायधीश एस के अग्रवाल थे। द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्षा एम सी मेरीकॉम थी जबकि राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार के चयन पैनल के प्रमुख खेल सचिव राजीव यादव थे। पुरस्कार 29 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किये जाएंगे।

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