अभिनेता सईद जाफ़री नहीं रहे

जाने-माने अभिनेता सईद जाफ़री का रविवार को निधन हो गया है। 86 साल के सईद जाफ़री पिछले काफी समय से लंदन में ही रह रहे थे और हिंदी फ़िल्मों से दूर थे। सईद जाफ़री के परिवार में पत्नी और तीन बेटियाँ हैं। उनके निधन की जानकरी उनकी भतीजी शाहीन अग्रवाल ने अपने फ़ेसबुक पेज पर दी बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान ट्वीट किया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा है, ”सईद जाफ़री बहुमुखी अभिनेता थे। उनके स्वभाव को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि।”

थिएटर से अभिनय करियर की शुरूआत करने वाले जाफ़री ने शतरंज के खिलाड़ी, मासूम, गांधी, चश्मे बद्दूर, राम तेरी गंगा मैली, हिना, दिल, दीवाना मस्ताना जैसी फ़िल्मों में काम किया।
उन्होंने द मैन हू वुड बी किंग, ए पैसेज टू इंडिया, द फ़ार पवेलियंस जैसी अंग्रेजी फ़िल्मों में भी काम किया।

सईद जाफ़री ने महात्मा गांधी के जीवन पर बनी रिचर्ड एडिनबरा की ऑस्कर विजेता फ़िल्म ‘गांधी’ में सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमिका निभाई थी। उन्होंने कला फ़िल्मों के साथ-साथ व्यावसायिक सिनेमा में भी भरपूर नाम कमाया। सत्यजीत रे की फ़िल्म शतरंज के खिलाड़ी में अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिला था।

सईद जाफरी के निधन पर निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट ने कहा, “सईद साहब के अंदर जो मिश्रण था विदेशी और देसी कल्चर का, वो उसके लिए जाने जाते थे। फ़िल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में उनका अभिनय मैं कभी नहीं भूल सकता।” भट्ट कहते हैं, ”मैं उन्हें कभी करीब से नहीं जान पाया पर हमेशा उनकी कला की कद्र की। बॉलीवुड फ़िल्म इंडस्ट्री उनके अभिनय को हमेशा याद रखेगी।”

निर्देशक श्याम बेनेगल ने कहा, “मैं यह खबर सुनकर बेहद दुखी हूं, बहुत सारी यादे हैं, जो उनके साथ जुड़ी हैं। यह समाचार मेरे लिए बेहद दुखद है।”

फ़िल्म ‘चश्मे बद्दूर’ में सईद जाफरी के साथ काम कर चुके राकेश बेदी ने कहा, ”भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मनोरंजन जगत ने एक बेहतरीन कलाकार खोया है। हमारी फ़िल्म ‘चश्में बद्दूर’ आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है।” ‎बेदी कहते हैं, ”वे बहुत ही साधारण इंसान थे। वे उन कलाकारों में से थे जो हर तरह के रोल में ख़ुद को ढाल लेते हैं।”

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