पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मिलिट्री अभ्यास नहीं : रूस

रूस की थलसेना की एक टुकड़ी शुक्रवार को पाकिस्तान पहुंची। शनिवार से शुरू हो रहे पहले संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास में रूसी सेना भाग लेगी। यह युद्धाभ्यास ऐसे समय होगा जब मॉस्को और इस्लामाबाद के बीच रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं और इस्लामाबाद अत्याधुनिक रूसी युद्धक विमान खरीदने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने मई 2011 में एबटाबाद में सीआईए के गुप्त छापे में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिका से रिश्तों में खटास आने के बाद अपनी विदेश नीति के विकल्पों को बढ़ाने का फैसला किया था। रूस के एक न्यूज एजेंसी ने खबर दी थी कि रूस और पाकिस्तान के बीच संयुक्त मिलिट्री अभ्यास गिलगित-बलिस्तान के पास रत्तू में शुरू हुआ है। रूस ने पाकिस्तान के साथ अपने पहले मिलिट्री अभ्यास पर सफाई देते हुए कहा है कि वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सैन्य अभ्यास नहीं कर रहा। लेकिन दिल्ली के रूसी दूतावास का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट गलत है। दूतावास ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि न तो अभी और न ही भविष्य में रूस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर या ऐसे किसी संवेदनशील इलाके में सैन्य अभ्यास करेगा। दूतावास ने कहा कि ये सैन्य अभ्यास सिर्फ चेरात में हो रहा है। रूस सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने कहा, ‘रूसी जमीनी बलों की एक टुकड़ी पहले पाक-रूस संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए पहुंची है’। रूस सैनिक 24 सितंबर से 10 अक्टूबर तक दो हफ्तों के लिए इस देश में रहेंगे। दोनों देशों के करीब 200 सैनिक दो हफ्तों के ‘फ्रेंडशिप 2016’ नाम के सैन्य युद्धाभ्यास में भाग लेंगे।

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