शिवपाल समेत 4 मंत्रियों को हटाया रामगोपाल 6 साल के लिए सपा से बाहर

रविवार को ही रामगोपाल यादव ने कार्यकर्ताओं को चिट्ठी लिखकर अखिलेश विरोधियों पर निशाना साधा था। चिट्ठी में लिखा था कि सुलह की कोशिश अखिलेश की यात्रा रोकने की साजिश है। कार्यकर्ता अखिलेश के साथ जुटें। अखिलेश विरोधी विधानसभा नहीं पहुंच पाएंगे। रामगोपाल ने साथ ही लिखा है कि अखिलेश की यात्रा विरोधियों के गले की फांस बन गई है। मध्यस्थता करने वाले दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां अखिलेश हैं, जीत वहीं है।

पार्टी अध्यक्ष शिवपाल यादव ने रामगाोपाल यादव पर तमाम पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। साथ ही उन्हें पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया गया है। रामगोपाल पर कार्रवाई से सीएम अखिलेश यादव और नाराज हो गए हैं और वो लगातार रामगोपाल के संपर्क में हैं। अखिलेश गुट भी अपने लोगों पर हो रही कार्रवाई का जवाब देने की तैयारी में हैं और एक-दो दिन में तैयारी के साथ पलटवार किया जाएगा। सपा में मची घमासान पर मुलायम सिंह यादव ने चुप्पी तोड़ते भावुक होते हुए चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब मैं रामगोपाल से मिलना चाह रहा था तो वो वक्त देकर कहीं और चले गए। अपने आवास पर हुई इस बैठक में अखिलेश द्वारा निकाले गए लोगों को देखकर मुलायम ने मजाक में कहा कि क्या ये शहीदों की बैठक हो गई? मुलायम सिंह यादव ने सोमवार लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर में बड़ी बैठक बुलाई है। बैठक में सभी मंत्री, विधायक, सांसद, एमएलसी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और ब्लॉक प्रमुख शामिल होंगे। बैठक में अखिलेश यादव भी शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। वहीं पार्टी से निकाले जाने पर रामगोपाल यादव ने कहा, ‘मुझे पार्टी से निकाले जाने का दुख नहीं है, मुलायम सिंह मेरे गुरु हैं और रहेंगे। इस धर्मयुद्ध में मैं अखिलेश के साथ हूं और अगली बार सीएम बनने तक साथ रहूंगा’। उन्होंने कहा कि इस वक्त मुलायम आसुरी शक्तियों से घिरे हुए हैं और जब वो इससे मुक्त होंगे तो उनको सच्चाई पता चलेगी। अपने विरोधियों पर हमला करते हुए रामगोपाल यादव ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलाल अखिलेश यादव को हराना चाहते हैं, लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाएंगे। उनपर बीजेपी ने मिले होने का जो आरोप लगाया गया है वो उनके लिए बेहद पीड़ा दायक है। क्योंकि राजनीति में दूसरे दलों के नेताओं से मिलना कोई अपराध नहीं हैं।

शिवपाल ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव हमेशा से पार्टी को कमजोर करने की साजिश में जुटे रहे। शिवपाल की मानें तो रामगोपाल उनके खिलाफ भी साजिश रचते रहे हैं। रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासन का ऐलान करते हुए शिवपाल ने कहा कि घोटाले में फंसे बेटे और बहू को बचाने के लिए रामगोपाल ने बीजेपी से हाथ मिला लिया है। प्रेस कॉन्फेंस में शिवपाल यादव ने पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव का हवाला देते हुए कहा कि रामगोपाल यादव के खिलाफ नेताजी ने ये फैसला लिया है और पार्टी के सभी सदस्यों को ये फैसला मान्य है। शिवपाल रामगोपाल पर बरसते हुए कहा कि वो प्रोसेफर हैं। लेकिन उन्होंने अपने दिमाग का इस्तेमाल पार्टी को मजबूत करने के बजाय पार्टी को कमजोर करने में इस्तेमाल किया। यही नहीं, शिवपाल ने कहा कि परिवार में फूट की वजह भी रामगोपाल हैं और हमेशा से वो पर्दे के पीछे से तिकड़म करते रहे हैं जो अब बर्दाश्त से बाहर हो गया।

रविवार सुबह से सपा में एक-दूसरे को बाहर निकालने की कार्रवाई जारी है। सबसे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए शिवपाल समेत 4 मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया दिया। शिवपाल के अलावा मंत्रिमंडल से नारद राय, ओम प्रकाश सिंह और शादाब फातिमा को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। अखिलेश ने अमर सिंह की करीबी जया प्रदा को यूपी फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल से भी हटा दिया है। इसके अलावा अखिलेश ने बैठक में कहा कि जो भी अमर सिंह के साथ है, उनको हटाया जाएगा। जिस व्यक्ति ने पार्टी में झगड़े पैदा किए उनको माफी नहीं दी जाएगी। बैठक में शिवपाल सर्मथकों को नहीं बुलाया गया था।

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