गुरप्रीत करेंगे प्यूर्टोरिको के खिलाफ भारत फुटबॉल टीम की कप्तानी

भारत अभी विश्व रैंकिंग में 152वें जबकि प्यूर्टोरिको 114वें स्थान पर है। भारतीय टीम को फीफा रैंकिंग में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा प्यूर्टोरिको के खिलाफ मैच जीतने से। यह राष्ट्रीय टीम का इस साल पांचवां अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कोच स्टीफन कॉन्सटेटाइन ने मैच की पूर्व संध्या पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, शनिवार (3 सितंबर) अंधेरी स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में अधिक रैंकिंग वाले प्यूर्टोरिको के खिलाफ होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच के लिए गुरप्रीत सिंह टीम के कप्तान होंगे। 24 वर्षीय गोलकीपर के लिए बड़ा सम्मान है। वह राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की अगुवाई करने वाले युवा खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। नार्वे के स्टाबीक एफसी से जुड़े गुरप्रीत यूरोप में पेशेवर फुटबॉल खेलने वाले अकेले भारतीय पेशेवर खिलाड़ी हैं। उनको स्ट्राइकर सुनील छेत्री की जगह कप्तान बनाए जाने का मतलब है कि सीनियर गोलकीपर सुब्रत पाल को बाहर बैठना होगा जिन्हें हाल में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्यूर्टोरिको के खिलाफ होने वाला यह मैच मुंबई में 1955 के बाद होने वाला पहला मैच होगा। यह मैच भारत और सोवियत संघ के बीच खेला गया था।

कॉन्सटेनटाइन ने भारतीय टीम की तारीफ की जिसमें 13 खिलाड़ी 23 साल से कम उम्र के हैं। उन्होंने कहा, हम खिलाड़ियों का पूल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जो अगले छह सात साल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। असल में हमने खिलाड़ियों का अच्छा समूह तैयार कर लिया है आज प्रत्येक जगह के लिए अच्छी प्रतिद्वंद्विता है। भारतीय कोच ने गुरप्रीत की भी नार्वे में बने रहने के लिए तारीफ की और कहा कि मजबूत टीम से खेलने से टीम को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, हम विश्व रैंकिंग में 114वें नंबर की टीम से खेलने के लिए प्रेरित हैं। यदि आप रैंकिंग में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको मजबूत टीमों से खेलना होगा। मैं भूटान के खिलाफ 3-0 से जीत के बजाय ईरान से 4-0 से हारना पसंद करूंगा।
मैच रात आठ बजे से शुरू होगा।

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