विवाद का हल बातचीत के जरिए होना चाहिए : जापान

डोकलाम विवाद पर चीन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में घिरता दिख रहा है। अमेरिका के बाद जापान ने भी डोकलाम विवाद पर भारत का समर्थन किया है। जापान ने कहा है कि दोनों देशों के बीच विवाद का हल बातचीत के जरिए होना चाहिए। जुलाई के दूसरे सप्ताह में भारत, अमेरिका और जापान की सेनाओं ने बंगाल की खाड़ी में मालाबार युद्धाभ्यास किया था। भारत और चीन के बीच करीब पिछले दो महीनों से डोकलाम में चीन की ओर से सड़क निर्माण को लेकर विवाद चल रहा है। भारत-भूटान-चीन की सीमा से लगे डोकलाम पर दोनों देशों की सेना आमने-सामने खड़ी हैं। चीन लगातार भारत पर अपनी सेना को पीछे बुलाने का दबाव बना रहा है, जबकि भारत पीछे हटने को तैयार नहीं है। भारत के रुख को देखते हुए चीन की सरकारी मीडिया लगातार युद्ध की धमकी दे रही है। डोकलाम में पीपल्स लिबरेशन आर्मी के अड़ियल रुख पर जापान के भारत को समर्थन देने पर चीन ने नाराजगी जाहिर की है। चीन ने कहा है कि भले ही जापान भारत को समर्थन देना चाहता है, लेकिन उसे भारत और चीन के बीच जारी तनाव पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। जापान ने भारत का समर्थन करते हुए कहा था कि विवादित इलाके में पूर्व की स्थिति को बदलने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। जापान ने कहा कि इस मामले में बल का इस्तेमाल न करके बातचीत से मामला सुलझाया जाना चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ‘मैं जानती हूं कि जापान के राजदूत भारत को समर्थन देना चाहते हैं। मैं उन्हें याद दिलाना चाहती हूं कि उन्हें तथ्यों को जांचे बिना ऐसे ही टिप्पणी करने से बचना चाहिए।’ जापानी राजदूत द्वारा डोकलाम को विवादित क्षेत्र बताए जाने पर भी चीनी प्रवक्ता ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘डोकलाम को लेकर कोई क्षेत्रीय विवाद नहीं है। इस इलाके में सीमा की पहचान हो चुकी है और दोनों ही पक्षों ने इसकी पुष्टि की है। पूर्व की स्थिति को बदलने की कोशिश भारत कर रहा है, चीन नहीं।’

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