200 रुपए का नोट लाने से फुटकर लेन-देन में होगी आसानी

200 रुपए का नया नोट लाने के पीछे का गणित समझाते हुए आरबीआई ने कहा कि नया नोट बाजार में आने से बड़े मूल्यवर्ग के बदले फुटकर लेन-देन में आसानी हो जाएगी। 200 रुपए का नया नोट चरणबद्ध तरीके से एटीएम मशीनों में उपलब्ध करवाया जाएगा, क्योंकि इससे पहले मशीनों को रीसैट किया जाएगा ताकि उसके कैसेट में 200 रुपए के नोट को व्यवस्थित किया जा सके। जब आरबीआई ने 2000 और 500 का नया नोट जारी किया था तब भी एटीएम मशीनों को रीसेट किया गया था। ऐसा इसलिए ताकि एटीएम से नोट निकलने में आसानी हो, क्योंकि हर नोट का वजन अलग अलग होता है और उसे निकालने के लिए मशीन को उसी तरह से सेट करना पड़ता है। आपको बता दें कि एक एटीएम मशीन में चार कैसेट होते हैं और हर कैसेट में नोट के 22 पैकेट, जिसमे से प्रत्येक में 100 नोट होते हैं। आरबीआई ने एक बयान में कहा, “ऐसे अनुपात की वजह से आम तौर पर अधिकतम तीन मूल्य के नोटों से उस नोट की अदला-बदली हो सकती है। भारत में हमारे पास 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 500 और 2000 रुपये के नोट हैं।”

आरबीआई ने कहा कि चमक के साथ पीलापन लिए 200 रुपये के नोट विभिन्न मूल्यों वाले रेनर्ड सीरीज की करेंसी नोटों के बीच के अंतर को कम करेगा। रेनर्ड सीरीज पसंदीदा संख्याओं की एक पद्धति है जिसे फ्रांसीसी सेना के एक इंजिनियर चार्ल्स रेनर्ड ने पेश किया था। इंडस्ट्री और डिजाइन में इस्तेमाल होनेवाले रेनर्ड सीरीज को करेंसी नोट का मूल्य तय करने में उपयोगी साबित हुआ है। कई देश तरह-तरह की रेनर्ड सीरीज का इस्तेमाल करते हैं जिसके तहत अगली संख्या पहली संख्या का दोगुना या ढाई गुना होती है।

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