वजन घटाने के लिए कैसे करें आंवले का उपयोग

जी हां, आंवला का सेवन करने से शरीर का वजन घटता है। इसलिए अब फटाफट अपनी डाइट में आंवला को शामिल करें। आंवला फल, शरीर के मेटाबोल्जिम को अच्‍छा बनाएं रखता है, क्‍योंकि यह प्रोटीन से भरपूर होता है। अगर आप अपनी प्रतिदिन की खुराक में आंवला को शामिल करते हैं तो आपके शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में फाइबर पहुंचेगें।

आंवला किस प्रकार वजन घटाता है?

* आंवला फल, शरीर के मेटाबोल्जिम को अच्‍छा बनाएं रखता है, क्‍योंकि यह प्रोटीन से भरपूर होता है। अगर शरीर का मेटाबोल्जिम अच्‍छा होता है तो शरीर का एक्‍ट्रा फैट घट जाता है और शरीर का प्रोसेस सही बना रहता है। यह कब्‍ज को होने से रोकता है, पेट को हर दिन साफ करने में सहायक होता है।

वजन घटाने के लिए किस प्रकार इस्‍तेमाल करें आंवला

* आंवला जूस :- अगर आपको आंवला खाने में कसैला लगता है तो आंवला का जूस निकालकर उसका सेवन करें। आप इसे एक बार निकालकर फ्रिज में रखकर चार दिन तक सेवन कर सकते हैं। लेकिन इसे पानी में मिलाकर पीना चाहिए। एक हिस्‍सा जूस और तीन हिस्‍से पानी को मिलाकर आवंला जूस का सेवन हर दिन करने से वजन घटता है और कमजोरी भी नहीं आती है।
* आंवला फल :- अगर आप अपनी प्रतिदिन की खुराक में आंवला को शामिल करते हैं तो आपके शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में फाइबर पहुंचेगें, और आपकी पाचन क्रिया दुरूस्‍त रहेगी।
* सूखा आंवला :- चूंकि आंवला फल, साल के बारह महीनों नहीं मिलता है इसलिए इसे मौसम के दौरान सूखाकर रख लिया जाता है। इस सूखे हुए आंवला का सेवन भी कई तरीके से किया जा सकता है। इसे स्‍वादानुसार चीनी में पकाकर या अन्‍य तरीकों से खाया जा सकता है। वैसे घरों में आंवला का मुरब्‍बा भी बनाकर रखा जाता है जिसे हर दिन सुबह-सुबह खाने से शरीर को ऊर्जा और ताकत मिलती है।

आंवला युवकों को यौवन और बड़ों को युवा जैसी शक्ति प्रदान करता है। एक टॉनिक के रूप में आंवला शरीर और स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान है। दिमागी परिश्रम करने वाले व्यक्तियों को वर्ष भर नियमित रूप से किसी भी विधि से आंवले का सेवन करने से दिमाग में तरावट और शक्ति मिलती है। कसैला आंवला खाने के बाद पानी पीने पर मीठा लगता है।
आंवला हरा, ताजा हो या सुखाया हुआ पुराना हो, इसके गुण नष्ट नहीं होते। इसकी अम्लता इसके गुणों की रक्षा करती है। आयुर्वेद में आंवले को बहुत महत्ता प्रदान की गई है, जिससे इसे रसायन माना जाता है। च्यवनप्राश आयुर्वेद का प्रसिद्ध रसायन है, जो टॉनिक के रूप में आम आदमी भी प्रयोग करता है। इसमें आंवले की अधिकता के कारण ही विटामिन `सी´ भरपूर होता है। यह शरीर में आरोग्य शक्ति बढ़ाता है। त्वचा, नेत्र रोग और केश (बालों) के लिए विटामिन बहुत उपयोगी है। संक्रमण से बचाने, मसूढ़ों को स्वस्थ रखने, घाव भरने और खून बनाने में भी विटामिन सी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

शरीर को शक्तिशाली और ताकतवर बनाना

* लगभग 10 ग्राम की मात्रा में हरे आंवला और लगभग इतनी ही मात्रा में शहद लेकर इनको मिलाकर एक साथ खाने से मनुष्य के वीर्य बल में वृद्धि होती है। आंवलों के मौसम में इसका सेवन रोजाना सुबह के समय करें। इसका सेवन लगभग 1 से 2 महीने तक करना चाहिए।
* बराबर मात्रा में आंवले का चूर्ण, गिलोय का रस, सफेद मूसली का चूर्ण, गोखरू का चूर्ण, तालमखाना का चूर्ण, अश्वगंधा का चूर्ण, शतावरी का चूर्ण, कौंच के बीजों का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण लेकर इनका मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को रोजाना सुबह और शाम को लगभग 10 से 15 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से हल्का गर्म दूध पीने से मनुष्य के संभोग करने की शक्ति का विकास होता है। इसको लगातार 3 या 4 महीने तक फायदा होने तक खाना चाहिए।

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